पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से केंद्रीय सुरक्षा बल (BSF) में नौकरी दिलाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी निवास प्रमाण पत्र, कोरे नोटरी प्रमाण पत्र, कूट रचित दस्तावेज़, सीलें और तीन मोबाइल फोन ज़ब्त किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह उत्तर प्रदेश से आकर छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला के ग्राम कंतेली निवासी होने का दावा कर रहा था, जबकि स्थानीय जांच में आरोपियों और उनके कथित आवेदक का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अलीगढ़ (उ.प्र.) निवासी योगेन्द्र कुमार (29) और आगरा (उ.प्र.) निवासी प्रशांत राजपूत (30) शामिल हैं।
विशेष टीम द्वारा की गई तफ्तीश में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पैसे की लालच में दस्तावेजों की कूटरचना कर बीएसएफ में भर्ती कराने का प्रयास किया था। गिरोह केंद्रीय बलों में एसआरई जिलों से मिलने वाले अतिरिक्त अंकों का अनुचित लाभ उठाने के लिए नकली निवास प्रमाण पत्र तैयार करता था।
थाना लालपुर में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 103/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में थाना लालपुर, साइबर सेल और जिला विशेष शाखा की टीम की उल्लेखनीय भूमिका रही।