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सरकारी संवेदनहीनता की पोल खुली: कचरे में मिलीं महापुरुषों की तस्वीरों वाली किताबें और कैलेंडर

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जनपद पंचायत से सरकारी लापरवाही और जिम्मेदारों की संवेदनहीनता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। महिला सशक्तिकरण और जनजागरूकता से जुड़ी योजनाओं के प्रचार के लिए छपवाया गया साहित्य – जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भगवान श्रीरामचंद्र, डॉ. अंबेडकर व अन्य महापुरुषों की तस्वीरें थीं – सार्वजनिक स्थानों पर कचरे में बिखरा मिला।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इन पुस्तकों और कैलेंडरों का उपयोग कई स्थानों पर थूकदान की दीवार के रूप में किया गया, जिससे जनभावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।

जनप्रतिनिधियों की तीखी प्रतिक्रिया

जनपद सदस्य ऋषभ कश्यप ने इस घटना को “महापुरुषों और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला अपमान” बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की है और जांच की मांग की है।

सुशासन पर सवालिया निशान

छत्तीसगढ़ को ‘सुशासन का मॉडल राज्य’ कहा जाता है, लेकिन जब सरकारी प्रचार सामग्री कचरे में मिलती है और अधिकारी मौन साधे रहते हैं, तो यह दावा खोखला प्रतीत होता है। मामला न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का है, बल्कि राष्ट्रपुरुषों के प्रति अनादर का भी है। मामला बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत तखतपुर का है।

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