राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल एवं बैगा बहुल्य क्षेत्र रेंगाखार जंगल में आयोजित विशेष राजस्व शिविर में पहुँचकर न सिर्फ आमजन से संवाद किया बल्कि दर्जनों राजस्व मामलों का मौके पर निराकरण भी किया। श्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रेंगाखार क्षेत्र के सभी लंबित आवेदनों का निपटारा आगामी 20 अगस्त तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब ग्रामवासियों को राजस्व रिकॉर्ड के लिए बोड़ला नहीं जाना पड़ेगा, ये सुविधाएं रेंगाखार में ही उपलब्ध होंगी।
विशेष शिविर में शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान हो और आम नागरिकों को राजस्व प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि 20 मई 2025 को आयोजित शिविर में प्राप्त 631 आवेदनों में से अब तक 314 आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। शेष आवेदनों को 20 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश मौके पर दिए गए।
राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को ग्रामीणों तक अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की मंशा के तहत उन्होंने आगामी 25 जुलाई को जनप्रतिनिधियों और प्रमुख नागरिकों के लिए विशेष कार्यशाला के आयोजन के निर्देश भी दिए, जिसमें नामांतरण, फौती, सीमांकन, पट्टा जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
शिविर में जिला कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, अपर कलेक्टर विनय पोयाम, एसडीएम रुचि शार्दुल सहित अन्य राजस्व अधिकारी और जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हल्का वार कार्यों को सुनियोजित ढंग से पूर्ण करने और बोड़ला के राजस्व अमले को भी रेंगाखार क्षेत्र में सक्रिय रूप से ड्यूटी में लगाने के निर्देश दिए।
पंचायत भवन का लोकार्पण, ग्रामीणों से चर्चा
अपने प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम सरईपतेरा में 20 लाख की लागत से नवनिर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों से भेंट कर समस्याओं की जानकारी ली और कई मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की प्राथमिकता है कि गांवों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत कर स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान किया जाए। पंचायत भवन गांव में योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याण की गति को बढ़ाएगा।
जन संवाद और रात्रि विश्राम के बाद त्वरित समाधान
रेंगाखार जंगल क्षेत्र में रात्रि विश्राम के बाद उपमुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में क्षेत्रीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। पेयजल, सड़क, स्कूल भवन, राशन वितरण और पट्टा जैसे विषयों पर मिली शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने बताया कि उपमुख्यमंत्री का उनके बीच रात्रि विश्राम करना और सुबह-सुबह बिना औपचारिकता जन संवाद करना उनके लिए भरोसा और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल
विजय शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि शासन की सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें, विशेषकर वनांचल और आदिवासी अंचलों में। राजस्व मामलों से लेकर मूलभूत सुविधाओं तक हर विषय को गंभीरता से लेकर संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण की दिशा में कार्य हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अब वह समय नहीं रहा जब ग्रामीणों को महीनों तक तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब शासन स्वयं गांव पहुंच रहा है।