पीडीएस चावल की अवैध खरीदी–बिक्री का बड़ा भंडाफोड़ : कबीरधाम में कार्रवाई, दो वाहन जब्त – लाखों का चावल बरामद, मध्यप्रदेश सीमा से जुड़ाव बना कालाबाज़ारी का अड्डा
कबीरधाम जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले चावल की अवैध खरीदी–बिक्री का नेटवर्क लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार को खाद्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहनों से भारी मात्रा में पीडीएस चावल जब्त किया। बरामद चावल की कुल मात्रा 65 क्विंटल से अधिक है, जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी गई। इस दौरान दोनों वाहन चालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पहला मामला
खाद्य विभाग को सूचना मिली कि वाहन क्रमांक सीजी 04 जेओ 4776 में पीडीएस चावल की ढुलाई की जा रही है। दबिश के दौरान वाहन चालक डोलेश्वर राजपूत पिता मनहरण सिंह (ग्राम घुघरीकला) को पकड़ा गया। वाहन से 60 बोरी (करीब 30 क्विंटल) चावल बरामद हुआ। पूछताछ में चालक ने बताया कि यह चावल कवर्धा स्थित प्रिंस अनाज भंडार (प्रो. संजय गुप्ता) का है, जिसे अवैध रूप से बेचने ले जाया जा रहा था। बरामद चावल की कीमत लगभग 1.05 लाख रुपये आंकी गई।
दूसरा मामला
उसी दिन एक अन्य वाहन क्रमांक सीजी 09 जेओ 9804 को पकड़ा गया। चालक विजय कुमार दोहरे पिता स्व. नारायण प्रसाद (उम्र 49 वर्ष, उर्जा पार्क कवर्धा निवासी) से पूछताछ में 70 बोरी (करीब 35 क्विंटल) चावल बरामद हुआ। यह खेप भी प्रिंस अनाज भंडार, अम्बेडकर चौक, कवर्धा पहुँचाने की बात सामने आई। जब्त चावल की कीमत लगभग 1.22 लाख रुपये बताई गई।
कानूनी कार्रवाई
खाद्य विभाग ने दोनों मामलों में चालकों के बयान दर्ज कर पंचनामा, जप्ती नामा और सुपुर्दगी नामा तैयार किया। कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत की गई। खाद्य निरीक्षक खेमराम ने बताया कि इस तरह की कालाबाज़ारी पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की सख्ती और सवाल
खाद्य अधिकारी सचिन मरकाम, अनिल वर्मा और मदन मोहन साहू ने मौके पर कार्रवाई का नेतृत्व किया। प्रशासन ने साफ किया है कि पीडीएस चावल का अवैध परिवहन व बिक्री गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हालाँकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि कबीरधाम जिला मध्यप्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण यहाँ के हाट–बाजारों में मध्यप्रदेश के व्यापारी खुलेआम पीडीएस चावल की खरीदी करते हैं। प्रतिदिन दर्जनों गाड़ियाँ इस अवैध कारोबार में संलिप्त दिखाई देती हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नगण्य है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह गहराता है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी पीडीएस चावल की कालाबाज़ारी की जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें, ताकि गरीबों का हक सुरक्षित रह सके।