कवर्धा
प्राकृतिक जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन की दिशा में एक अनूठी पहल के रूप में भोरमदेव अभ्यारण्य, कवर्धा में तीन दिवसीय “तितली सम्मेलन 2025” (द्वितीय संस्करण) का आयोजन 10 से 12 अक्टूबर तक किया जा रहा है। यह आयोजन वन विभाग की उस दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य है — “प्रकृति के सूक्ष्म दूत” मानी जाने वाली तितलियों के संरक्षण, संवर्धन और वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देना।

वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से 450 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से चयनित 41 प्रतिभागी अभ्यारण्य के छह निर्धारित मार्गों पर तितली सर्वेक्षण करेंगे। प्रतिभागियों को प्राकृतिक आवासों में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों की पहचान, वर्गीकरण और दस्तावेजीकरण का प्रशिक्षण भी मिलेगा।



