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आदिवासी समाज में नाराजगी” — शिक्षकों के सामूहिक स्थानांतरण से गहराया असंतोष, प्रशासनिक निर्णय पर उठे सवाल

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 कवर्धा
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश (क्रमांक ESTB-102(3)/449/2025/20-तीन) के तहत कवर्धा जिले के दस शिक्षकों का प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किया गया है। जारी सूची में सभी स्थानांतरित शिक्षक आदिवासी समाज से संबंधित हैं।

यह आदेश नवरात्रि से ठीक बाद जारी हुआ, नवरात्रि के पहले कामठी क्षेत्र में दुर्गा पंडाल को लेकर विवाद की घटना सामने आई थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उसी कार्यक्रम के बाद इन शिक्षकों को दूरस्थ जिलों — गरियाबंद, बालोद और कबीरधाम के सुदूर अंचलों में पदस्थ किया गया है।
आदिवासी समाज ने इस सामूहिक स्थानांतरण पर कड़ी नाराजगी जताई है।

समाज के बुद्धिजीवियों का कहना है कि —
“यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसमें समुदाय विशेष के लोगों का एक साथ स्थानांतरण सवाल खड़े करता है।”
स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि अचानक हुए इस बदलाव से न केवल विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित होगी बल्कि समाज के शिक्षित वर्ग में असंतोष और असुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।
वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि यह स्थानांतरण “नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया” के तहत किए गए हैं और इसमें किसी भी तरह की भेदभावपूर्ण भावना नहीं है।
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता, सामाजिक समरसता और संवेदनशीलता पर नया विमर्श खड़ा कर दिया है।
अब देखना यह है कि शासन समाज की इस नाराजगी को कैसे शांत करता है और विश्वास बहाली के लिए क्या कदम उठाता है।

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