जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जारी एक आदेश ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरदा में पदस्थ आरएचओ श्री डोम प्रकाश कश्यप के कथित नियम विरुद्ध एवं व्यक्तिगत द्वेषभावना से किए गए निलंबन को निरस्त नहीं किए जाने के विरोध में 19 जनवरी 2026 को प्रस्तावित संभाग स्तरीय घेराव से पहले ही प्रशासन ने सख्त तेवर दिखा दिए हैं।
सीएमएचओ मुंगेली डॉ. शीला साहा द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिले के अंतर्गत कार्यरत कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी इस घेराव में शामिल न हो। इतना ही नहीं, घेराव के समर्थन में शामिल होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी गई है। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ द्वारा कलेक्टर कार्यालय को दिए गए ज्ञापन और आंदोलन की सूचना के बाद यह आदेश सामने आया है, जिसे कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को दबाने की कोशिश करार दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि निलंबन पूरी तरह नियमों के खिलाफ है, लेकिन बजाय निष्पक्ष जांच के प्रशासन कर्मचारियों की आवाज दबाने में जुट गया है। सूत्रों की मानें तो इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में रोष और असंतोष और गहरा गया है। संघ का कहना है कि यह आदेश लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है और प्रशासन कर्मचारियों को डराकर आंदोलन से पीछे हटाना चाहता है। अब सवाल यह है कि क्या नियम विरुद्ध निलंबन पर कार्रवाई होगी या फिर कर्मचारियों की आवाज को अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी देकर दबा दिया जाएगा? 19 जनवरी को होने वाला घेराव अब सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि प्रशासन बनाम कर्मचारी की सीधी टकराव की तस्वीर बनता जा रहा है।