चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद कबीरधाम जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने, राहत एवं बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करने और संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 27 अक्टूबर को सुकमा और दंतेवाड़ा जिले में, जबकि 28 एवं 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश
संभावित बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा गया है।
जलभराव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर
कलेक्टर ने निचले इलाकों, जलभराव वाले स्थानों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ, होमगार्ड एवं अन्य बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
जलाशयों के जलस्तर की होगी निगरानी
जिला प्रशासन को जलाशयों एवं बांधों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। पानी की निकासी की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते चेतावनी देने तथा आमजन तक मौसम संबंधी सूचनाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।
जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संभावित बारिश के दौरान जनसुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन का उद्देश्य संभावित आपदा से जनहानि रोकना, प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।