जल संसाधन उप संभाग-02 में अधिकारी की अनुपस्थिति पर सवाल, नहर-नालियों के निर्माण में दरारों ने निगरानी व्यवस्था की खोली पोल
कवर्धा। परिवहन कार्यालय के पास स्थित जल संसाधन उप संभाग-02(जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के समीप ) में अनुविभागीय अधिकारी की कार्यालय में कथित तौर पर लगातार अनुपस्थिति अब विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को अधिकारी नहीं मिलते, वहीं मौजूद कर्मचारियों से पूछने पर एक ही जवाब मिलता है—साहब फील्ड पर हैं। सवाल यह है कि यदि अधिकारी लगातार क्षेत्र के निरीक्षण में व्यस्त हैं, तो उनके कार्यक्षेत्र में हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल क्यों उठ रहे हैं।
जल संसाधन उप संभाग-02 (जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के समीप ) के कार्यालय में अधिकारी की उपलब्धता को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। विभागीय कामकाज के सिलसिले में कार्यालय पहुंचने वालों को अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाती। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर अधिकारी के फील्ड में होने की जानकारी दी जाती है, लेकिन उनके कार्यालय लौटने का समय स्पष्ट नहीं बताया जाता। ऐसे में लोगों को अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ने की स्थिति बनती है।
फील्ड में रहने का दावा, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
क्षेत्र में नहर और नालियों के निर्माण कार्यों में बरसात से पहले ही दरारें आने की शिकायतें सामने आई थीं। यदि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में रहकर निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहे थे, तो निर्माण में खामियां कैसे रह गईं। क्या कार्यों का तकनीकी निरीक्षण समय पर हुआ था, क्या निर्माण की गुणवत्ता की जांच की गई और दरारें सामने आने के बाद जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई हुई। इन सवालों का जवाब विभागीय जांच और संबंधित अधिकारियों के पक्ष से ही स्पष्ट हो सकेगा।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की निगरानी संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में फील्ड में रहने की बात और निर्माण कार्यों में सामने आई खामियों के बीच की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। यदि निर्माण में तकनीकी खामियां पाई गई हैं, तो उनकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
स्थानीय होने की चर्चा, जवाबदेही पर सवाल
क्षेत्र में कुछ लोगों का कहना है कि अधिकारी स्थानीय हैं, इसलिए वे निवास से ही विभागीय कामकाज निपटा लेते हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि अधिकारी कार्यालय में किस समय उपलब्ध रहते हैं और आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए क्या व्यवस्था है।
सरकारी कार्यालय केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान और विभागीय जवाबदेही के केंद्र होते हैं। जल संसाधन उप संभाग-02 (जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के समीप )में अधिकारी की उपलब्धता, नहर-नालियों के निर्माण की गुणवत्ता और बरसात से पहले आई दरारों की जांच जरूरी है। अब देखना होगा कि विभाग के उच्चाधिकारी इन सवालों पर संज्ञान लेकर वस्तुस्थिति की जांच कराते हैं या मामला केवल जवाबों तक सीमित रह जाता है।