जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पलारी पुलिस ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के नाम से फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार करने और उसे असली दस्तावेज बताकर इस्तेमाल करने के आरोप में ग्रामीण चिकित्सा सहायक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय प्रक्रिया को गुमराह करने का आरोप है।
मामला तब सामने आया, जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन ने CMHO बलौदाबाजार कार्यालय के नाम से जारी एक स्थानांतरण आदेश प्रस्तुत किया था। आदेश क्रमांक एच.एम./ए.आर./2026-27/1359 दिनांक 14 अगस्त 2026 में करण कुमार का स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा दर्शाया गया था।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि राज्य संवर्ग के कर्मचारी का स्थानांतरण करने का अधिकार राज्य शासन के पास है। CMHO कार्यालय से ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, आदेश पर किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी और कूटरचित पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 347/2026 दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने एक राय होकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसका इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की। इसके बाद 22 अगस्त को करण कुमार देवांगन, रवि कुमार सेन, पुनीराम पटेल और किशना उर्फ कृष्ण कुमार अवस्थी को गिरफ्तार किया गया। चारों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है।