वन अधिकार पट्टा बनवाने का झांसा देकर ग्रामीणों से 2 लाख 10 हजार रुपये लेने और फर्जी दस्तावेज थमाने के मामले में झलमला पुलिस ने आरोपी राजेन्द्र धुर्वे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी वन अधिकार पट्टों की प्रतियां भी जब्त की हैं।
पुलिस के अनुसार ग्राम अंजना निवासी पंछू सिंह धुर्वे ने थाना झलमला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही राजेन्द्र धुर्वे ने उसके और उसकी पत्नी के नाम वन अधिकार पट्टा बनवाने का झांसा देकर 1 लाख रुपये लिए थे। आरोपी द्वारा दिया गया पट्टा लेकर जब वह केसीसी ऋण और खाद लेने सोसायटी पहुंचा, तब दस्तावेज के फर्जी होने की जानकारी सामने आई।
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने ग्राम अंजना निवासी संतोष धुर्वे से 60 हजार रुपये तथा चमर सिंह कुशरे से 50 हजार रुपये भी वन अधिकार पट्टा बनवाने के नाम पर लिए थे। इस तरह तीन ग्रामीणों से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये लिए जाने की बात सामने आई।
मामले की जांच में पुलिस ने संबंधित वन अधिकार पट्टों का वन विभाग कवर्धा से सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान इन पट्टों का विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला और दस्तावेज फर्जी एवं कूटरचित पाए गए।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी राजेन्द्र धुर्वे पिता छत्तर सिंह धुर्वे, उम्र 36 वर्ष, निवासी अंजना को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथी के साथ मिलकर फर्जी वन अधिकार पट्टा तैयार करने की बात स्वीकार की। आरोपी के पास मौजूद फर्जी दस्तावेजों की प्रतियां पुलिस ने जब्त कर लीं।
झलमला पुलिस ने आरोपी को 3 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जिला जेल कबीरधाम भेज दिया। मामले में थाना झलमला में अपराध क्रमांक 14/2026 के तहत धारा 318(4), 338 एवं 336(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आरोपी के अन्य साथी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कंसारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक वसीम रजा कुरैशी, लुदुराम साहू तथा आरक्षक राजेंद्र धुर्वे और सुदर्शन की भूमिका रही।