कवर्धा, आगामी वर्षा ऋतु में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से कबीरधाम जिले में “मोर गांव मोर पानी” महा अभियान के अंतर्गत आज एक ऐतिहासिक पहल देखी गई। जिले के 391 ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा के तहत चल रहे 3849 निर्माण कार्यों में लगे 52 हजार 800 से अधिक ग्रामीणों ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण का सामूहिक संकल्प लिया।
तालाब, डबरी, नाला, अमृत सरोवर और पशु शेड जैसे संरचनाओं के निर्माण में जुटे ग्रामीणों को तकनीकी सहायकों और ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा भू-जल संकट और समाधान की जानकारी दी गई। साथ ही गांव-गांव में रैलियों, दीवार लेखन और श्रमदान के माध्यम से जल बचाने का संदेश दिया जा रहा है।
जिले के कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि समाज की सहभागिता से ही जल संकट का स्थायी समाधान संभव है। वहीं सीईओ जिला पंचायत श्री अजय त्रिपाठी ने बताया कि आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम और नरेगा योजना के माध्यम से जल संरक्षण कार्यों को गति दी जा रही है।
इस अभियान को मजबूत करने 1 जून से 4 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण की शुरुआत भी की गई है, जिसमें 471 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व-सहायता समूह की महिलाएं और विभागीय कर्मचारी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के जरिए स्थानीय स्तर पर जल रोकने के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
कबीरधाम जिले का यह प्रयास एक मिसाल बनकर अन्य जिलों को भी प्रेरणा देगा।