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कबीरधाम बना आंदोलन की धरती: कलेक्ट्रेट घेराव को लेकर पुलिस हाई अलर्ट, पंडरिया में किसानों का प्रदर्शन भी कल

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धर्मनगरी कबीरधाम इन दिनों धरना-प्रदर्शन की धरती बनती जा रही है। एक ओर कवर्धा में गोंडवाना समाज छत्तीसगढ़ एवं भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा कल 13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट घेराव, आमसभा और पुतला दहन का ऐलान किया गया है, तो दूसरी ओर पंडरिया में किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस का भी आंदोलन निर्धारित है। दोनों घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
कवर्धा में सख्त पुलिस व्यवस्था, 700 जवान तैनात
संभावित भीड़ और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कबीरधाम पुलिस ने कवर्धा शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं।
कुल 700 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें जिले के सभी थानों के साथ-साथ अन्य जिलों और पुलिस कैंपों से भी बल बुलाया गया है।
शहर के चार मुख्य मार्गों पर पूर्ण बैरिकेडिंग की गई है 
1️⃣ आदिवासी मंगल भवन के पास,
2️⃣ राजमहल रोड,
3️⃣ करपात्री स्कूल गेट,
4️⃣ पीजी कॉलेज मार्ग।
इन इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध रहेगा, जबकि भीड़ को सीमित क्षेत्र में रोकने के लिए पुलिस ने पूरे नियंत्रण क्षेत्र को सेक्टरों में बाँटा है।
ड्रोन से निगरानी और सेक्टरवार कमांड
कानून व्यवस्था की कमान एएसपी पुष्पेंद्र बघेल और पंकज पटेल के नेतृत्व में सेक्टरवार अधिकारियों को सौंपी गई है। एसडीओपी अखिलेश कौशिक, भूपत सिंह धनेश्री, डीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, कृष्णा चंद्राकर और आशीष शुक्ला के साथ अन्य राजपत्रित अधिकारी मौके पर तैनात रहेंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, जबकि सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भीड़ में रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
एसपी धर्मेंद्र सिंह की सख्त चेतावनी
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (भा.पु.से.) ने कहा है कि –
“जिले की शांति और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी व्यक्ति या संगठन हिंसा या उपद्रव करेगा, उसे तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
पंडरिया में भी कांग्रेस का आंदोलन
इसी बीच पंडरिया में किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस ने भी सोमवार को आंदोलन का ऐलान किया है। प्रशासन के लिए यह दोहरी चुनौती बन गई है — एक ओर कवर्धा में समाज संगठनों का कलेक्ट्रेट घेराव, तो दूसरी ओर पंडरिया में किसानों का हल्ला बोल।
जिले में प्रशासनिक चौकसी चरम पर
पूरे कबीरधाम में पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक डाइवर्जन, नियंत्रण कक्ष की निगरानी और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों की उपस्थिति ने इसे अब तक की सबसे सख्त सुरक्षा तैयारियों में से एक बना दिया है।
जिले में अब स्थिति यह है कि “जहाँ कभी संत कबीर की वाणी गूँजती थी, वहीं अब नारों और विरोधों की आवाजें गूंज रही हैं।”
कबीरधाम एक बार फिर कानून व्यवस्था की बड़ी परीक्षा के दौर में है।

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