जिला बलौदाबाजार-भाटापारा जिला में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। यातायात शाखा भाटापारा द्वारा चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत 4 वाहन चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया, जिन पर माननीय न्यायालय ने कुल ₹55,000 का अर्थदंड लगाया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। यातायात शाखा द्वारा ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से नियमित जांच की जा रही है, जिससे शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों की पहचान कर तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
न्यायालय का सख्त रुख
पुलिस द्वारा पकड़े गए चारों वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उनके वाहन विधिवत जप्त किए गए और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दिनांक 06 अप्रैल 2026 को माननीय न्यायालय ने 3 प्रकरणों में चालकों को पृथक-पृथक ₹15,000-₹15,000 तथा 1 प्रकरण में ₹10,000 का अर्थदंड देने का आदेश पारित किया। इस प्रकार कुल ₹55,000 की दंडात्मक राशि आरोपियों पर अधिरोपित की गई।
न्यायालय की यह सख्ती स्पष्ट संदेश देती है कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर खतरा है।
सख्त कार्रवाई के लाभ
सड़क दुर्घटनाओं में कमी – शराब के नशे में वाहन चलाना दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। ऐसी कार्रवाई से दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना रहती है।
जन-जागरूकता में वृद्धि – जब न्यायालय से भारी अर्थदंड लगाया जाता है तो समाज में भय और जागरूकता दोनों उत्पन्न होते हैं।
कानून का सम्मान – सख्त प्रवर्तन से यह संदेश जाता है कि कानून सभी के लिए समान है।
परिवारों की सुरक्षा – एक नशे में चालक न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डालता है। कार्रवाई से निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
शराब पीकर वाहन चलाने के दुष्परिणाम
भारी आर्थिक नुकसान (जुर्माना, वाहन जप्ती)
ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण
आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना
दुर्घटना की स्थिति में कारावास
सामाजिक प्रतिष्ठा पर आंच
शराब के सेवन से प्रतिक्रिया समय धीमा हो जाता है, निर्णय लेने की क्षमता घटती है और वाहन नियंत्रण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं।
पुलिस का संदेश
यातायात शाखा भाटापारा ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की जान खतरे में न डालें।
प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि समाज सहयोग करे तो सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।