सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुकदूर में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से गाली-गलौज, धमकी, धक्का-मुक्की और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार घटना 13 सितंबर 2026 की रात की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुकदूर में चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी नारायण सिन्द्राम ड्यूटी पर थे। इसी दौरान ग्राम रोखनी की एक महिला मरीज को जहर सेवन के उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को स्वास्थ्यगत सुरक्षा के दृष्टिगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया रेफर किया गया।
इसी दौरान रात करीब 11:20 बजे ग्राम छींदीडीह निवासी गिरानी धुर्वे अस्पताल पहुंचा। मरीज के उपचार को लेकर वह चिकित्सक से विवाद करने लगा। आरोप है कि उसने चिकित्सक के साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी तथा धक्का-मुक्की और झूमाझपटी करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया।
घटना के बाद चिकित्सक ने थाना कुकदूर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 60/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की। प्रार्थी चिकित्सक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के साथ उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की गई।
विवेचना में आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी गिरानी धुर्वे पिता करणसिंह धुर्वे, उम्र 40 वर्ष, निवासी जंगल खाम्ही, थाना कुकदूर, जिला कबीरधाम को 6 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(2), 132, 221 तथा छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम, 2010 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की है।
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर तैनात शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ अभद्रता, शासकीय कार्य में बाधा और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले कृत्यों पर साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।