पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विकसित भारत-जी राम जी योजना में कार्यरत तकनीकी सहायकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ ने 13 से 15 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी सांकेतिक हड़ताल और धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। संघ के अनुसार प्रदेशभर के करीब 7000 तकनीकी सहायक तीन दिनों तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
संघ के प्रांताध्यक्ष अशोक कुमार कुर्रे द्वारा जारी पत्र के माध्यम से जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आंदोलन की सूचना दी गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 12 अक्टूबर तक मांगों के संबंध में ठोस घोषणा नहीं होने पर 13 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिले से राजधानी तक प्रदर्शन
13 और 14 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 15 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन, रैली और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा गया है। संघ का कहना है कि मांगों को लेकर पूर्व में 16 जून 2025 और 29 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री, मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
नियमितीकरण समेत तीन प्रमुख मांगें
तकनीकी सहायकों की प्रमुख मांगों में विकसित भारत-जी राम जी योजना में कार्यरत सभी तकनीकी सहायकों के लिए नियमित पद सृजित कर समायोजन करना, नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक ग्राम पंचायत सचिवों की तरह स्थायीकरण की नियमावली लागू करना तथा तकनीकी सहायक का पदनाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता (विकसित भारत-जी राम जी) करना शामिल है। इसके अलावा चार अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग भी संघ ने रखी है।
संघ के अनुसार लंबे समय से मांगें लंबित होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है। तीन दिवसीय हड़ताल के कारण ग्रामीण विकास कार्यों की तकनीकी प्रक्रिया और योजना के क्रियान्वयन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।