किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा गुरुवार, 8 अक्टूबर को कवर्धा में ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’ के तहत विशाल ट्रैक्टर रैली और धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। जिलेभर से किसान ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचेंगे और शासन के प्रतिनिधि को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जाएगा।
प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने कवर्धा शहर के प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की तैयारी की है। जानकारी के अनुसार रायपुर रोड पर मंगलू ढाबा, बिलासपुर रोड पर जोराताल चौक, राजनांदगांव रोड पर ठाठ होटल और भोरमदेव रोड पर समनापुर चौक के पास आवागमन रोका जा सकता है। शहर के भीतर मिनीमाता चौक पर भी यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। इससे स्कूल, कार्यालय और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
भारतीय किसान संघ की प्रमुख मांगों में गन्ने पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, गन्ना और सभी बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना में शामिल कर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये वार्षिक आदान सहायता देना शामिल है। किसानों ने पिछले तीन वर्षों में समर्थन मूल्य में हुई धान की वृद्धि को 3100 रुपये में जोड़कर भुगतान करने और पूर्व शासनकाल की लंबित धान की चौथी किश्त शीघ्र जारी करने की मांग भी रखी है।
इसके अलावा जिले के दोनों शक्कर कारखानों की क्षमता बढ़ाने, घूमंतू गौवंश के पुनर्वास, समितियों में 40.700 किलो की तौल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सुतियापाठ जलाशय की नहर-नाली विस्तार योजना को गति देने की मांग है। पिलारी माइनर, घोघरा नहर-नाली, नेवारी व्यपवर्तन को खपरी तक विस्तार और करिया आमा बांध निर्माण की मांग भी आंदोलन के एजेंडे में है।
गन्ना किसानों को समय पर भुगतान के लिए मंडी बोर्ड से रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने और गन्ने की फसल को बीमा योजना में शामिल करने की मांग भी की गई है।
किसान संघ ने आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने की तैयारी की है। ऐसे में गुरुवार को कवर्धा में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ किसानों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर सीधा टकराव देखने को मिल सकता है।