जिले में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने बोर खनन पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में रविवार को पलारी तहसील के ग्राम लकडिया में एक किसान द्वारा अपने खेत में बिना अनुमति बोर खनन कराए जाने पर कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग की टीम ने बोर खनन कार्य को तत्काल रोकते हुए दो वाहनों को जब्त कर थाने के सुपुर्द किया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, किसान सहदेव बघेल द्वारा बिना आवश्यक अनुमति के बोर खनन कराया जा रहा था। जब अधिकारियों ने दस्तावेज मांगे, तो वाहन चालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके चलते वाहन क्रमांक KA 01NV6599 एवं सहायक वाहन CG04NZ9891 को जब्त किया गया।
प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बन रहा खतरा
गौरतलब है कि जिले में कलेक्टर दीपक सोनी द्वारा 30 जून 2025 तक सभी प्रकार के बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य लगातार गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि मनमाने बोर खनन से न केवल भूजल स्तर नीचे जा रहा है, बल्कि यह पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है।
जन-जागरूकता की आवश्यकता
जिला प्रशासन की यह कार्यवाही एक चेतावनी के रूप में देखी जा सकती है। लोगों को चाहिए कि वे जल संरक्षण के महत्व को समझें और सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें। जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास और संवेदनशीलता अनिवार्य है।
बिना अनुमति बोर खनन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ियों के जलस्रोतों के लिए भी खतरा पैदा करता है। प्रशासन की तत्परता सराहनीय है, लेकिन इससे भी अधिक ज़रूरी है जन सहयोग और जल संरक्षण की दिशा में व्यवहारिक बदलाव।