अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष नवीन जायसवाल के नेतृत्व में सोमवार को SIR और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी कांग्रेस नेताओं ने रखी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया लोकतंत्र से सीधे जुड़े विषय हैं। उन्होंने कहा कि SIR से संबंधित निर्णयों और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब सैंया भय, चुनाव आयोग तो डर काहे का”, यही सवाल आज जनता के बीच चर्चा का विषय है।
जायसवाल ने महंगाई, किसानों, युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित से जुड़े विषयों पर जवाब देना चाहिए तथा विकास एवं निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने द इंडियन एक्सप्रेस की 25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ निर्णयों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की थी। इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नाम हटाने तथा मतदाता सूची से जुड़े आईटी सिस्टम के केंद्रीकरण जैसे विषय शामिल बताए गए हैं।
जिला कांग्रेस महामंत्री मनीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट के बाद इन विषयों पर सार्वजनिक चर्चा और आवश्यक स्पष्टीकरण की जरूरत है।
वहीं, निर्वाचन आयोग ने इन मतभेदों को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा है कि आयोग के भीतर लिखित टिप्पणियां, सुझाव और तकनीकी आपत्तियां सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा हैं तथा उसके निर्णय सर्वसम्मति या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिए जाते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोच्च है। इसलिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में पूर्व जिला अध्यक्ष नीलकंठ चंद्रवंशी, होरी राम साहू, महेश चंद्रवंशी, शहर ब्लॉक अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी, ब्लॉक अध्यक्ष प्रभाती मरकाम, ब्लॉक अध्यक्ष छबिलाल वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष चेतन वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष शौंकी साहू, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तरा दिवाकर, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा अनंत, शहर अध्यक्ष नारायणी तोंडर, सेवादल अध्यक्ष पदुम सेन और जिला महामंत्री गोपाल चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।