कबीरधाम जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत जनहित से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम और सेवा कार्य जारी हैं। इसी बीच बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर संबंधित विभागों से विशेष अभियान चलाने की अपेक्षा की जा रही है। कवर्धा, पंडरिया, बोडला, सहसपुर लोहारा, पांडातराई सहित नगर पालिका, नगर पंचायत क्षेत्रों तथा कस्बाई और ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों के आसपास पान ठेले, चाय और अन्य दुकानें संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, प्रत्येक स्थान पर नियमों का उल्लंघन हो रहा है या नहीं, यह विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्कूलों के आसपास विद्यार्थियों की नियमित आवाजाही रहती है। ऐसे में दुकानों की गतिविधियों और वहां उपलब्ध सामग्री की निगरानी जरूरी है। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA) की धारा 6(ब) के तहत शैक्षणिक संस्थान की बाहरी सीमा से 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर भी रोक है। ऐसे में स्कूलों के आसपास संचालित दुकानों का नियमित निरीक्षण महत्वपूर्ण हो जाता है।
मामला केवल तंबाकू उत्पादों तक सीमित नहीं है। स्कूलों के आसपास संचालित चाय और खाद्य दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा आवश्यक पंजीयन की भी जांच की जानी चाहिए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और आवश्यकता के अनुसार नमूना जांच की जा सकती है।
बच्चों को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 77 में भी प्रावधान हैं। वहीं ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के तहत प्रतिबंध है। ऐसे में स्कूलों के आसपास इन प्रावधानों के पालन की भी जांच आवश्यक है।
सेवा संकल्प के साथ विशेष अभियान की जरूरत
स्थानीय स्तर पर अपेक्षा यह है कि नियमों के दायरे में संचालित दुकानों पर अनावश्यक कार्रवाई के बजाय स्कूलों के आसपास लागू प्रावधानों का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन द्वारा स्कूलवार सर्वे कराया जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि कौन-सी दुकान 100 गज के दायरे में है, वहां तंबाकू या प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री तो नहीं हो रही और खाद्य दुकानों में आवश्यक नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिस तरह विभिन्न क्षेत्रों में जनसेवा के कार्य किए जा रहे हैं, उसी क्रम में स्कूलों के आसपास भी संयुक्त जांच अभियान चलाया जा सकता है। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस और नगरीय निकाय मिलकर निरीक्षण करें तो वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
जांच में यदि COTPA, किशोर न्याय अधिनियम, ई-सिगरेट निषेध अधिनियम, खाद्य सुरक्षा कानून या स्थानीय निकाय के नियमों का उल्लंघन मिलता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं नियमों के अनुरूप संचालित दुकानों के संबंध में स्पष्ट मापदंड अपनाना भी जरूरी है।
स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र हैं। इसलिए नियम केवल कागजों में नहीं, बल्कि स्कूलों के आसपास भी प्रभावी रूप से लागू हों, इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जरूरत है।