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बारिश के चलते सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में बढ़ रहे हैं मरीजों की संख्या

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कवर्धा , लगातार मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में एक बार फिर खांसी , बुखार व सर्दी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है । कुछ दिनों से अस्पताल के पंजीकरण काउंटर खुलने के पहले ही लोगों की लंबी कतारें लग रही है। जानकारी देते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ चंद्रेश चंद्रवंशी , मेडिकल ऑफिसर डॉ कुजूर ने बताया कि बारिश के दिनों में बारिश और मौसम में उमस से लोग बीमार हो रहे हैं हालांकि हमारे क्षेत्र में अभी लगातार हो रही बारिश के चलते मौसम ठंडा हो गया है और इससे वायरल फीवर के मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वनांचल क्षेत्र से भी लगातार वायरल फीवर सर्दी खांसी के मरीज बढ़ रहे हैं कुछ स्थानों पर बुखार सर्दी पेट दर्द मलेरिया टाइफाइड जैसी बीमारी की भी चपेट में लोग आ रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सभी बीमारियों के बेहतर इलाज को लेकर तैयारी पूर्ण कर ली गई है और मैदानी अमला को इससे निपटने के लिए निर्देशित भी किया जा चुका है उन्होंने लोगों से मौसमी बीमारी से बचने के लिए शुद्ध पानी पीने , खानपान तथा मच्छरों से बचने की सलाह दी है ।
ओपीडी में बढी मरीजों की भीड़
ओपीडी देखने वाले डॉक्टर डॉ कुजूर ,डॉक्टर चंद्रेश चंद्रवंशी व राजेश चंद्रवंशी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं जिनमें वायरल फीवर की समस्या वाले मरीज अधिक से अधिक आ रहे हैं जब भी मौसम में परिवर्तन आता है तो इस प्रकार की मरीजों की संख्या में वृद्धि हो ही जाती है उन्होंने कहा कि बरसाती पानी इन दोनों प्राकृतिक जल स्रोत में मिल जाता है इसमें कई प्रकार के रोगाणु होते हैं इसे पाचन संबंधी परेशानी बढ़ जाती है और बारिश के समय में मच्छरों से बचाव करने की ज्यादा जरूरत होती है हालांकि अभी मलेरिया की ज्यादा शिकायत सामने नहीं आ रही हैं ।
जल जनित बीमारियों का ज्यादा खतरा
बोड़ला विकासखंड के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर विवेक चंद्रवंशी ने बताया कि मौसम परिवर्तन होने के साथ ही मौसमी बीमारियों का आतंक शुरू हो जाता है बरसात के मौसम में आमतौर पर बुखार पेट दर्द आंख में जलन हाथ पैर में दर्द डायरिया उल्टी सहित अनेक प्रकार की बीमारियां होती है इनमें अधिकांश जल जनित बीमारी होती हैं इसलिए बीमारियों से बचने के लिए पानी की गुणवत्ता व शुद्धता जरूरी है चिकित्सक कहते हैं कि जल जनित बीमारियों जिनमे टाइफाइड बुखार मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी से होता है इसके लिए घर के आसपास स्वच्छता बनाने व गंदगी जमा न करने की सलाह दी जाती है इसके अलावा डेंगू बुखार जानलेवा है जो की एडीज मच्छर के काटने से फैलता है इससे बचने के लिए मच्छर को शरीर पर काटने से बचाए तथा मच्छरदानी का प्रयोग कर पूरी बाह वाले कपड़े पहने से इसके अलावा हैजा एक जल जनित संक्रमण है जो शरीर में कालरा फैलाता है इस रोग के होने पर दस्त व डिहाइड्रेशन की समस्या होती है बचाव के लिए हल्का गर्म पानी पिए बरसात के मौसम में मलेरिया से भी लोग अधिक ग्रस्त होते हैं बारिश के पानी से भरे रहने पर उसे मच्छरों की प्रजनन क्रिया ज्यादा होती है भरे हुए जमा ठहरे हुए पानी को खाली कर मलेरिया के खतरे को रोका जा सकता है इस प्रकार ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर विवेक चंद्रवंशी ने जल जनित बीमारियों से बचने की अपील लोगों से की है ।

 

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