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चिल्फी परियोजना में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के आयोजन राशि में अनियमितता बराती स्वागत में मध्यप्रेश से मंगाया बाजा

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कवर्धा, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत पिछले वित्तीय वर्ष में चिल्फी परियोजना में दो जगह आयोजित किया गया । जिसमे 22फरवरी को 52जोड़े का झलमला , 28मार्च को 12जोड़े का परियोजना मुख्यालय चिल्फी में किया गया। उक्त आयोजन में सारी नियमो को ताक में रखते हुए आयोजन पर व्यय किया गया है जिसकी खुलासा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों से हुआ है ।
अन्य राज्य का बाजा और कार्यालय आपरेटर को भुगतान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की मंशा है कि राज्य के पारंपरिक खेल और अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है । पिछले वर्ष कवर्धा विधायक के द्वारा स्थानीय नाचा , और वाद्य यंत्र के कलाकारों को प्रोत्साहन करते हुए आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया था लेकिन उन्ही के निर्वाचन क्षेत्र चिल्फी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत विवाह में अन्य राज्य मध्य प्रदेश के छपला का जय जोहार बाजा पार्टी को बुलाकर विवाह संपन्न कराया गया है जिसमे 22फरवरी को तीन हजार तथा 28मार्च को चार हजार रुपए का भुगतान बैंक खाता नंबर 11532544058आई एफ सी कोड SBIN 0007341में चिल्फी परियोजना अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी संदीप कुमार के नाम से चिल्फी ,भारतीय स्टैट बैंक में किया गया है । परियोजना अधिकारी के द्वारा बाजा पार्टी वालो के खाता में राशि जमा करने के बजाए अपने कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी संदीप कुमार के खाता में राशि जमा करना और भुगतान राशि में भी अंतर होना संदेह के दायरे में आता है जो जांच का विषय है ।
मंगरोहन खरीदी में काटामारी
विवाह में मंगरोहन के बगैर शादी कार्य संपन्न नही होता है । जिसमे भी चिल्फी परियोजना अधिकारी के द्वारा कांटामारी किया गया है । 22फरवरी को 52 जोड़े का विवाह झलमला में संपन्न हुआ जिसमे मात्र 20 मंगरोहन की खरीदी किया गया जबकि चिल्फी में 12 जोड़े का विवाह आयोजित किया गया जिसमे सभी के लिए 12नग की खरीदी का बिल साई नाथ स्व सहायता समूह के द्वारा भुगतान के लिए लगाया गया है । जिसमे चिल्फी में प्रति नग दो सौ रुपए एवम झलमला के लिए एक सौ साठ रुपए बिल का लगाया गया वो भी किसी संदेह से कम नही है ।
पूजन दक्षिणा भुगतान में कम ज्यादा
किसी भी प्रकार का पूजा पाठ संपन्न कराने वाले को दक्षिणा देने का परंपरा चला आ रहा है जिसके तहत बावन जोड़े का विवाह सम्पन्न कराने पर मात्र दो हजार एक सौ रुपए और बारह जोड़े का विवाह सम्पन्न कराने पर पांच हजार एक सौ रुपए का भुगतान किया गया है जो समझ से परे है ।
सूक्ष्म जांच की आवश्यकता
एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी के द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में जमकर धांधली किया है । दरअसल आयोजन पर प्रति जोड़ा पांच हजार रुपए व्यय करने का प्रावधान है । बिल बनाते समय पांच हजार रुपए व्यय को ध्यान में रखकर बनाया जाता हैं । बिल बनाते समय सामग्री की उपयोगिता और लागत को भी भूल जाते है। बिल तैयार करते समय रूपेश कुमार , मुकेश कुमार चिल्फी के दुकान से खरीदी किया गया । सामग्री के बिल में भी अंतर है । अधिकारी के द्वारा बारह जोड़े के लिए दो किलो घी 650रुपए में खरीदी किया गया है बिल में घी का कंपनी नही लिखा गया है जबकि बावन जोड़े के लिए पंद्रह लिटर घी आठ हजार छः सौ पच्चीस रुपए का अमूल कंपनी का बिल लगाया गया है । इसी प्रकार चिल्फी के विवाह में साउंड सिस्टम का बिल ही नही लगाया है । मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत हुए विवाह के आयोजन व्यय की सुक्षता से जांच करने पर अनेक प्रकार की आर्थिक अनियमितता उजागर होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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